ग्रह, राशि और नक्षत्र मे सम्बन्ध

हर एक नक्षत्र के चार चरण होते हैं, और नक्षत्र के 9 चरण को मिलाकर एक राशि का निर्माण होता है। 

सभी बारह राशियों का स्वामित्व किसी ना किसी ग्रह के पास है, इसी को विस्तार से जानने के लिए हम एक चार्ट बना रहे हैं जिससे यह आसानी से जाना जा सकता है कि किस राशि के स्वामी कौन हैं और किन नक्षत्रों के कितने चरण एक राशि मे आते हैं।



1) मेष राशि

    स्वामी - मंगल देव

     नक्षत्र - अश्विनी के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी - केतु 

                भरनी के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- शुक्र 

                 कृतिका का 1 चरण, नक्षत्र स्वामी- सूर्य 

    2) वृषभ राशि

    स्वामी - शुक्र देव

     नक्षत्र - कृतिका के 3 चरण, नक्षत्र स्वामी - सूर्य 

                रोहिणी के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- चंद्र 

                 मृगशिरा का 2 चरण, नक्षत्र स्वामी- चंद्र, मंगल 

   3) मिथुन राशि

    स्वामी - बुध देव

     नक्षत्र - मृगशिरा के 2 चरण, नक्षत्र स्वामी - चंद्र मंगल 

                आद्रा के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- राहु 

                 पुनर्वस का 3 चरण, नक्षत्र स्वामी- वृहस्पति

4) कर्क राशि

    स्वामी - चन्द्र देव

     नक्षत्र - पुनर्वस के 1 चरण, नक्षत्र स्वामी -वृहस्पति 

                 पुष्य 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- वृहस्पति 

                 आश्लेषा का 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- बुध

5) सिंह राशि

    स्वामी - सूर्य देव

     नक्षत्र - मघा के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी - केतु

                पुर्वाफाल्गुनी के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- शुक्र 

                 उत्तरा फाल्गुनी का 1 चरण, नक्षत्र स्वामी- सूर्य

6) कन्या राशि

    स्वामी - बुध देव

     नक्षत्र - उत्तरा फाल्गुनी के 3 चरण, नक्षत्र स्वामी - सूर्य 

                हस्त के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- सूर्य, चंद्र 

                 चित्रा का 2 चरण, नक्षत्र स्वामी- मंगल

7) तुला राशि

    स्वामी - शुक्र देव

     नक्षत्र - चित्रा के 2 चरण, नक्षत्र स्वामी -मंगल 

                स्वाति के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- राहु 

                 विशाखा का 3 चरण, नक्षत्र स्वामी- वृहस्पति

8) वृश्चिक राशि

    स्वामी - मंगल देव

     नक्षत्र - विशाखा के 1 चरण, नक्षत्र स्वामी - वृहस्पति 

               अनुराधा के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- शनि 

                 ज्येष्ठा का 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- बुध

9) धनु राशि

    स्वामी - मंगल देव

     नक्षत्र -मूल के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी - केतु 

                पूर्वा षाढा के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- शुक्र 

                 उत्तरा षाढा का 1 चरण, नक्षत्र स्वामी- सूर्य

 10) मकर राशि

    स्वामी - शनि देव

     नक्षत्र - उत्तरा षाढा के 3 चरण, नक्षत्र स्वामी - चंद्र 

                श्रवण के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- मंगल 

                 घनिष्ठा का 2 चरण, नक्षत्र स्वामी- राहु 

11) कुम्भ राशि

    स्वामी - शनि देव

     नक्षत्र - घनिष्ठा के 2चरण, नक्षत्र स्वामी - राहु 

                शतभिषा के 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- वृहस्पति 

                 पूर्वा भाद्रपद का 3 चरण, नक्षत्र स्वामी- शनि 

12) मीन राशि

    स्वामी - वृहस्पति देव

     नक्षत्र - पूर्वा भाद्रपद के 1 चरण, नक्षत्र स्वामी - शनि 

                उत्तरा भाद्रपद 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- शनि 

                 रेवती का 4 चरण, नक्षत्र स्वामी- बुध

इस चार्ट से हम अच्छी तरह समझ पाते हैं कि किस राशि में नक्षत्र के कितने चरण आते हैं, और उनके स्वामी कौन हैं।

इससे हमे उक्त नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के विषय में फलादेश करने मे आसानी होती है।

आगे के लेख में हम जानेंगे की किस नक्षत्र मे जन्मे जातक का स्वभाव कैसा रहेगा।