अश्विनी नक्षत्र
अश्विनी नक्षत्र आकाश मंडल में प्रथम नक्षत्र है। यह 3-3 तारों का समूह है, जो आकाश मंडल में जनवरी के प्रारंभ में सूर्यास्त के बाद सिर पर दिखाई देता है। वैदिक काल में दो अश्विनी कुमार थे जिनके नाम पर ही इन तारा समूह का नामकरण किया गया है। 'अश्विनी' का अर्थ 'अश्व जैसा' होता है। धरती पर इस तारे का असर पड़ता है। आंवले के वृक्ष को इसका प्रतीक माना जाता है।
यदि आपका जन्म अश्विनी नक्षत्र में हुआ है तो आपकी राशि मेष व जन्म नक्षत्र स्वामी केतु होगा। राशि स्वामी मंगल व केतु का प्रभाव आपके जीवन पर अधिक दिखाई देगा। अवकहड़ा चक्र के अनुसार जातक का वर्ण क्षत्रिय, वश्य चतुष्पद, योनि अश्व, महावैर योनि महिष, गण देव तथा नाड़ी आदि होते हैं।
नाम का प्रथम अक्षर -
अश्विनी नक्षत्र के प्रथम चरण या प्रथम पाद में जो 00:00 से 03:20 तक होता है. इसका अक्षर “च” होता है।
अश्विनी नक्षत्र के दूसरे चरण या द्वितीय पाद में जो 03:20 से 06:40 तक होता है. इसका अक्षर “चे” होता है।
अश्विनी नक्षत्र के तीसरे चरण या तृतीय पाद में जो 06:40 से 10:00 तक होता है. इसका अक्षर “चो” होता है।
अश्विनी नक्षत्र के चौथे चरण या चतुर्थ पाद में जो 10:00 से 13:20 तक होता है. इसका अक्षर “ला” होता है।
अश्वनी आराधना
ॐ अश्विनौ तेजसाचक्षु: प्राणेन सरस्वती वीर्य्यम वाचेन्द्रो
बलेनेन्द्राय दधुरिन्द्रियम । ॐ अश्विनी कुमाराभ्यो नम: ।
अश्विनी नक्षत्र के जातक के लिए भगवान गणेश की उपासना करना बेहद लाभकारी होता है. इसके साथ ही अश्विनी नक्षत्र की दिशाएं, अश्विनी मास, और अश्विनी नक्षत्र पर चंद्रमा का गोजर समय होने पर कार्य करना मनोकूल फल देने में सहायक होता है.
अश्विनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव
आप बहुत ऊर्जावान व सक्रिय हैं और आपमें उत्साह भी अधिक है। आपमे अपार ताकत और साहस है। आप किसी की उम्मीद से भी अधिक करना चाहते हैं परंतु लोग आपकी आपकी इस दरियादिली की कदर कम ही करते हैं।हर कोई आपके साहस का लोहा मानता है। छोटे-मोटे काम से आप संतुष्ट नहीं रहेंगे। बड़े और महत्वपूर्ण काम करने में ही आपको ज़्यादा आनंद आता है।
हर काम को तेज़ी-से और कम-से-कम समय में करना आपकी आदत है। आपमें तेज़ी, फुर्ती और सक्रियता साफ़ दिखाई देती है। आप ज़िंदादिल, ख़ुशमिज़ाज व समझदार हैं। आपका स्वभाव रहस्मयी है इसलिए धर्म, मंत्र शास्त्र और योग में भी आपकी रुचि होगी। आप निडर और साहसी भी हैं परन्तु आपको क्रोध करने से हमेशा बचना चाहिए। अपने दुश्मनों को पराजित करना आपको अच्छी तरह आता है और आपको ताक़त या दवाब से वश में नहीं किया जा सकता है, सिर्फ़ प्यार और स्नेह से आपका कोई जान भी मांग ले तो आप देने के लिए तैयार रहते हैं । सामने आप बेहद शांत और संयमी दिखाई देंगे तथा अपना निर्णय लेने में कभी भी जल्दबाज़ी नहीं करेंगे।
हर पहलू पर विचार करने के बाद ही आप कोई निर्णय करते हैं और एक बार जो निर्णय लेते हैं फिर उससे पीछे नहीं हटते चाहे आपको कितनी भी परेशानी क्यों ना उठाना पड़े । आप सुनते सभी की हैं परंतु करते अपने मन की हैं, दूसरे के विचार कितने भी अच्छे हों आपका काम करने का ढंग अलग ही होता है। अपने हर काम को बख़ूबी अंजाम देना भी आप जानते हैं। आप यारों के यार यानी श्रेष्ठ मित्र साबित हो सकते हैं और जिन्हें चाहते हैं उनके लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए भी तैयार रहते हैं।
अगर आपको कोई पीड़ित दिखाई देता है तो उसकी जब तक मदत नहीं कर देते आपको सुकून नहीं मिलता है। कितने भी संकट आपके ऊपर आए आप अपार धैर्य रखेंगे और ईश्वर पर भी आपका पूर्ण विश्वास रहता है। परंपराप्रिय होते हुए भी आधुनिकता से आपका कोई बैर नहीं रहता है। साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना और अपने आसपास की हर वस्तु को तरीके से रखना आपको पसंद है।

Social Plugin